Patna: जन सुराज के सूत्रधार, प्रशांत किशोर, ने रविवार को गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति के नीचे अपने आमरण अनशन के चौथे दिन एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की। इस मौके पर उन्होंने बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं के खिलाफ अपनी मुहिम को और मजबूती से जारी रखने की बात कही।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रशांत किशोर ने स्पष्ट रूप से कहा, “यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि यह बिहार की खराब व्यवस्था के खिलाफ है। मैं तमाम राजनीतिक पार्टी से ये अपील करता हूं कि चाहे वो तेजस्वी यादव हों, राहुल गांधी हों, या कोई और नेता, वे हमारे साथ आएं। मैं उनके पीछे बैठकर इस आंदोलन का समर्थन करूंगा। अगर युवा तय कर लें कि वे नेता इसका नेतृत्व करेंगे, तो मैं पीछे हटने के लिए तैयार हूं।”
51 सदस्यीय युवा सत्याग्रह समिति का गठन
बिहार में छात्रों की इस लड़ाई को आगे लड़ने के लिए विभिन्न छात्र समूहों को मिलकर एक 51 सदस्यीय युवा सत्याग्रह समिति बनाई गई है। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर प्रशासन उनकी गिरफ्तारी कर भी लेता है, तो भी यह सत्याग्रह जारी रहेगा। उन्होंने यह जानकारी दी कि अब यह आंदोलन 51 सदस्यीय युवा सत्याग्रह समिति द्वारा आगे बढ़ाया जाएगा। यह समिति बिहार की व्यवस्था में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “मैं उन 51 समिति के साथ खड़ा हूं, और उनकी मदद करूंगा। अब यह आंदोलन सिर्फ BPSC के खिलाफ नहीं है, बल्कि बिहार की पूरी व्यवस्था के खिलाफ है।”
तेजस्वी-राहुल पर फोकस
प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव और राहुल गांधी का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए उन्हें इस आंदोलन का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव और राहुल गांधी जैसे नेता अगर इस आंदोलन का नेतृत्व करना चाहते हैं, तो मैं पीछे हटकर उनका समर्थन करूंगा। यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे बिहार की जनता का है।” प्रशांत किशोर ने इस बात पर जोर दिया कि यह समय राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करके बिहार के भविष्य के लिए एकजुट होने का है।
बिहार के आम लोगों से अपील
प्रशांत किशोर ने बिहार के आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों में बैठकर तमाशा देखने के बजाय इस संघर्ष का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा, “रजाई और कंबल में बैठने से बिहार नहीं सुधरेगा, आपका कर्तव्य है कि इन बच्चों का साथ दीजिए। हमारा संघर्ष एक युवा नेतृत्व वाली जन शक्ति के रूप में जारी रहेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन केवल गांधी मैदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे बिहार में फैलेगा।





