गुरु रहमान ने काटी हाथ की नस… राष्ट्रपति, पीएम को लिखा खून से खत, कर दी ये मांग

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बच्चों के लिए कुर्बानी देने को तैयार है गुरु रहमान

हाथ का नस काट खून से राष्ट्रपति, PM-CM को लिखा पत्र

BPSC री एग्जाम की मांग 

बोले बच्चे बैठे है धरने पर कोई सुनने को तैयार नहीं

 

बिहार में बीपीएससी परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर पटना में अभ्यर्थियों का लगातार 34 दिन से प्रदर्शन जारी है. उन्हें कई राजनेता, शिक्षकों और कोचिंग संचालको का भी सहयोग मिला हुआ है. उनके समर्थन में शिक्षक गुरु रहमान भी उतरे हुए हैं. उन्होंने छात्रों के समर्थन में अनोखा कदम उठाया है. गुरु रहमान ने अपने हाथ की नसों को काटकर अपने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से परीक्षा रद्द करने की गुहार लगाई है.

गुरु रहमान ने काटी हाथ की नस… राष्ट्रपति, पीएम को लिखा खून से खत, कर दी ये मांग

पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर बीपीएससी परीक्षा को रद्द कराने के लिए अभ्यर्थी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके समर्थन में मशहूर शिक्षक गुरु रहमान भी उतरे हुए हैं. उन्होंने अपने हाथ की नस काटकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है.

गुरु रहमान ने काटी हाथ की नस… राष्ट्रपति, पीएम को लिखा खून से खत, कर दी ये मांग

बिहार में बीपीएससी परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर पटना में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है. उन्हें कई राजनेता, शिक्षकों और कोचिंग संचालको का भी सहयोग मिला हुआ है. उनके समर्थन में शिक्षक गुरु रहमान भी उतरे हुए हैं. उन्होंने छात्रों के समर्थन में अनोखा कदम उठाया है. गुरु रहमान ने अपने हाथ की नसों को काटकर अपने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से परीक्षा रद्द करने की गुहार लगाई है.

गुरु रहमान ने कहा है कि वह छात्रों के हित के लिए हमेशा अपना सर्वस्व लुटाने के लिए तैयार रहते हैं. चूंकि मामला कोर्ट में भी है और उन्हें कोर्ट पर पूरा विश्वास भी है. लेकिन बिहार लोक सेवा आयोग कोर्ट में सुनवाई के लिए तय की गई तारीख के पहले ही अपने परिणाम को जारी करने की तैयारी में है. उन्होंने कहा है कि ऐसे में हमारी कोशिश यह है कि हम अपनी गुहार को इन लोगों के सामने रखें, ताकि इस मामले में हमारे साथ न्याय हो सके.

प्रधानमंत्री देंगे जरुर ध्यान- रहमान सर

गुरु रहमान का यह भी कहना था कि जब देश में जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए पहल की गई थी, तब भी उन्होंने अपने खून से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर के धारा 370 को हटाने का समर्थन किया था. ऐसे में उनको पूरा विश्वास है कि इस बार भी जब वह छात्र हित में अपने खून से पत्र लिख रहे हैं तो प्रधानमंत्री उस पर जरूर ध्यान देंगे. उनका कहना है कि वह हमेशा से ही छात्रों के हित को लेकर लड़ते रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे. अगर उनके पक्ष में यह फैसला नहीं आता है तो वह पूरे बिहार का दौरा करेंगे और छात्रों को जागृत करने की कोशिश करेंगे.

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