प्रशांत किशोर को क्यों किया गया गिरफ्तार, पटना डीएम ने बताई वजह

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Why was Prashant Kishor arrested?

पटना: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को पटना पुलिस जेल भेजने की तैयारी कर रही है। उन्हें पटना सिविल कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं, पटना डीएम ने बताया है कि आखिर क्यों प्रशांत किशोर गिरफ्तार किया गया है।

प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी पर पटना डीएम चंद्रशेखर सिंह ने स्पष्ट किया है कि पटना हाई कोर्ट द्वारा धरना के लिए चिन्हित स्थल गर्दनीबाग पर आंदोलन करने के लिए प्रशांत किशोर को कई बार आग्रह किया गया था। इसके लिए उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर गांधी मैदान में धरना जारी रखा।

डीएम ने बताया कि जिला प्रशासन ने विभिन्न माध्यमों से बार-बार आग्रह किया कि प्रशांत किशोर निर्धारित स्थल पर जाकर अपना आंदोलन करें। जब उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो गांधी मैदान थाना में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। 6 जनवरी की सुबह प्रशांत किशोर को गिरफ्तार किया गया और उनके साथ 43 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया।

जिलाधिकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए 43 लोगों में से अब तक 30 का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। इनमें से केवल पांच लोग पटना के निवासी हैं, जबकि बाकी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। हिरासत में लिए गए लोगों में तीन उत्तर प्रदेश से और एक दिल्ली से है। प्रशांत किशोर के साथ-साथ 15 गाड़ियों को भी सीज किया गया है।

डीएम ने बताया कि जिन 30 लोगों की पहचान की गई है, उनमें से एक भी छात्र नहीं हैं। सभी का वेरिफिकेशन जारी है, और प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा। प्रशांत किशोर को कोर्ट में पेश किया जाएगा और कोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि जो भी धरना प्रदर्शन करना चाहते हैं, उन्हें निर्धारित स्थल गर्दनीबाग पर ही जाना होगा। प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। अगर दोबारा इस तरह का प्रयास किया जाता है, तो प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करेगा।

Prashant Kishore was picked up by Patna police

आज सुबह की गई गिरफ्तारी

बता दें कि आज सुबह 4 बजे बिहार पुलिस ने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर को बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में चल रहे आमरण अनशन से उठाकर हिरासत में ले लिया। इस दौरान प्रशांत किशोर और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई, जिसमें पुलिस पर उन्हें मारने-पीटने के आरोप लग रहे हैं।

प्रशांत किशोर को एम्बुलेंस में बैठाकर पुलिस द्वारा कई घंटों तक घुमाया गया। सबसे पहले उन्हें पटना के एम्स ले जाया गया, लेकिन वहां उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद ताजा खबरों के अनुसार, प्रशांत किशोर को फतुहा सामुदायिक अस्पताल में ले जाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

बीपीएससी अभ्यर्थियों में आक्रोश

इस घटना के बाद बीपीएससी अभ्यर्थियों, छात्रों, और जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों में गहरा आक्रोश फैल गया है। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं। समर्थकों का कहना है कि प्रशांत किशोर केवल छात्रों के हक की बात कर रहे थे और सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है।

जन सुराज पार्टी की ओर से इस मामले पर कड़ा विरोध जताया गया है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा है कि यह सरकार की दमनकारी नीति का हिस्सा है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बीपीएससी अभ्यर्थियों की मांगों को सुनने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।

प्रशांत किशोर के समर्थकों का कहना है कि अगर उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया गया और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस घटना ने बिहार में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

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