Bole Bharat Times, Desk: बिहार में अधिक भूकंप क्यों आते हैं? यह सवाल अभी ज्यादा लोग जानने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि पिछले एक दिन तीन बार बिहार को भूकंप का झटका लगा है। लोग काफी डरे हुए हैं। कहीं 1934 जैसा फिर भूकंप न आ जाए। तो चलिए बताते हैं आखिर कारण क्या है।
दरअसल, हिमालय से नजदीकी के कारण बिहार में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। भूगर्भशास्त्रियों के अनुसार, बिहार का भूगर्भिक स्थान इंडो-गंगेटिक मैदानी क्षेत्र में आता है, जो भूकंपीय रूप से संवेदनशील जोन-4 और जोन-5 में स्थित है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में बार-बार भूकंप आते हैं।
प्लेट टेक्टॉनिक्स के सिद्धांत क्या कहते हैं?
प्लेट टेक्टॉनिक्स के सिद्धांत के अनुसार, भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टक्कर के कारण हिमालय का निर्माण हुआ। यह टेक्टोनिक गतिविधि आज भी जारी है, जिससे इस क्षेत्र में बार-बार भूकंपीय हलचल होती रहती है। भारतीय प्लेट हर साल 5 सेंटीमीटर की गति से उत्तर की ओर खिसक रही है, जिससे ऊर्जा का संचार होता है और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं उत्पन्न होती हैं।
बिहार में आ सकता है बड़ा भूकंप?
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हर सौ वर्ष में राज्य के लोगों को बड़े झटके झेलने पड़ते हैं। पिछले विनाशकारी भूकंप की 100वीं वर्षगांठ करीब है और आगामी दस वर्षों में इस क्षेत्र में बड़े झटके आने की संभावना है।
हाल के भूकंपीय झटकों ने न केवल प्रशासनिक अमले को सतर्क कर दिया है, बल्कि आम लोगों में भी चिंता बढ़ा दी है। भूकंप पर अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों और भूगर्भशास्त्रियों ने इस संकट की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए धरती की क्षति को कम करने के उपायों को अपनाने और लोगों को जागरूक बनाने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप की तैयारी और जागरूकता ही इस प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान को कम कर सकती है। अब समय है कि प्रशासन और नागरिक मिलकर इस दिशा में ठोस कदम उठाएं।






