बोले भारत टाइम्स, पटना: आज सोमवार सुबह 4 बजे बिहार पुलिस ने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर को बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में चल रहे आमरण अनशन से उठाकर हिरासत में ले लिया। इस दौरान प्रशांत किशोर और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई, जिसमें पुलिस पर उन्हें मारने-पीटने के आरोप लग रहे हैं।
प्रशांत किशोर को एम्बुलेंस में बैठाकर पुलिस द्वारा कई घंटों तक घुमाया गया। सबसे पहले उन्हें पटना के एम्स ले जाया गया, लेकिन वहां उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद ताजा खबरों के अनुसार, प्रशांत किशोर को पटना के फतुहा सामुदायिक अस्पताल में ले जाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है।
इस घटना के बाद बीपीएससी अभ्यर्थियों, छात्रों, और जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों में गहरा आक्रोश फैल गया है। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं। समर्थकों का कहना है कि प्रशांत किशोर केवल छात्रों के हक की बात कर रहे थे और सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है।
जन सुराज पार्टी की ओर से इस मामले पर कड़ा विरोध जताया गया है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा है कि यह सरकार की दमनकारी नीति का हिस्सा है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बीपीएससी अभ्यर्थियों की मांगों को सुनने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।
प्रशांत किशोर के समर्थकों का कहना है कि अगर उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया गया और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस घटना ने बिहार में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।






