BPSC के खिलाफ प्रशांत किशोर का आमरण अनशन जारी, गांधी मैदान में सैकड़ों युवा डटे

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BPSC के खिलाफ प्रशांत किशोर का आमरण अनशन जारी

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में पारदर्शिता की कमी और परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में जन सुराज अभियान के नेता प्रशांत किशोर का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी है। इस आंदोलन ने BPSC अभ्यर्थियों के भीतर एक नई उम्मीद और जोश भर दिया है।

गांधी मैदान में अनशन के समर्थन में सैकड़ों युवा जुट चुके हैं। पूरे माहौल में नारों की गूंज है—“री-एग्जाम हम लेकर रहेंगे!”, “BPSC हाय हाय!” और “BPSC कुछ तो शर्म करो, शर्म नहीं तो डूब मरो!” जैसे नारों ने आंदोलन को और उग्र बना दिया है।

आयोग को मिल रही खुली चुनौती

प्रशांत किशोर के इस कदम ने न केवल अभ्यर्थियों को एकजुट किया है, बल्कि BPSC के कार्यशैली पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।

अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग

प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच कराई जाए और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। इसके अलावा, री-एग्जाम कराए जाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है।

आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन

प्रशांत किशोर के इस अनशन को न केवल युवाओं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों का भी समर्थन मिल रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके भविष्य और न्याय की लड़ाई है।

आंदोलन की बढ़ती तीव्रता ने BPSC को कटघरे में ला खड़ा किया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि आयोग अब तक उनकी मांगों को लेकर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन यह चुप्पी ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।

प्रशांत किशोर का संदेश

अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर ने युवाओं से अपील की है कि यह लड़ाई उनके अधिकारों की है और इसे निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने के लिए सभी को साथ आना होगा। 

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