पटना: जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर का आमरण अनशन आज 8वें दिन भी जारी है। उनकी तबियत बिगड़ने के कारण उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है। इस बीच पार्टी के अध्यक्ष मनोज भारती की अगुवाई में जन सुराज के प्रमुख नेताओं ने प्रेस वार्ता की और नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
गिरफ्तारी में अनियमितता का आरोप
जन सुराज के अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि प्रशांत किशोर को बिना किसी कस्टडी के कागजात के बेऊर जेल ले जाया गया। जेल अधीक्षक ने कागजात के अभाव में उन्हें जेल में रखने से मना कर दिया। अमित कुमार ने कहा, “प्रशांत किशोर को कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही ले जाया गया, जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह गलत है।”
अनशनकारियों पर लगाए गए हथियार रखने के आरोप हास्यास्पद
अधिवक्ता अमित कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर और उनके साथ अनशन करने वाले लोगों पर गांधी मूर्ति के नीचे हथियार रखने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, “क्या बिहार सरकार कंबल और मफलर को हथियार मानती है?” उन्होंने यह भी बताया कि दर्ज की गई धाराएं जमानती हैं, लेकिन इन पर दंगा और घातक हथियार रखने का आरोप लगाया गया है, जो पूरी तरह बेबुनियाद है।
PR बॉन्ड पर मिली जमानत की शर्तें
प्रशांत किशोर को जमानत के तहत चार शर्तों पर रिहा किया गया है। इनमें पुलिस का सहयोग करना, ट्रायल में उपस्थित रहना, और शर्तों का उल्लंघन करने पर 25,000 रुपये का जुर्माना देना शामिल है। अमित कुमार ने आरोप लगाया कि FIR गांधी मैदान थाना में हुई थी, लेकिन उन्हें वहां ले जाने के बजाय सीधे बेऊर जेल ले जाया गया।
पुलिस पर नियमों के उल्लंघन का आरोप
जन सुराज युवा अध्यक्ष आनंद मिश्रा ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस अधिकारियों ने अपनी पहचान नहीं बताई। उन्होंने कहा, “डीके बासु गाइडलाइंस के अनुसार पुलिस को अपनी पहचान जाहिर करनी होती है, लेकिन यहां किसी ने नाम या रैंक तक नहीं बताया।”
AIIMS प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप
पार्टी प्रवक्ता किशोर कुमार मुन्ना ने बताया कि पुलिस ने प्रशांत किशोर को जबरन AIIMS ले जाकर मेडिकल कराने का दबाव डाला, लेकिन कागजात के अभाव में डॉक्टरों ने इसे मना कर दिया।
जन सुराज ने सरकार पर साधा निशाना
प्रेस वार्ता में जन सुराज के नेताओं ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रशांत किशोर और आंदोलनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को पूरी तरह से गैरकानूनी बताया।
जन सुराज ने नीतीश सरकार से इन आरोपों पर जवाब देने की मांग की है और प्रशांत किशोर के समर्थन में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
प्रशांत किशोर निकले झूठे! पटना प्रशासन ने किया बेल का असली खुलासा
बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में आमरण अनशन कर रहे प्रशांत किशोर फंसते हुए नजर आ रहे हैं। क्योंकि बेल मामले में पटना प्रशासन का बयान सामने आया है। जिसमें प्रशासन ने प्रशांत किशोर झूठ बोलने के आरोप लगाए हैं। प्रशासन का कहना है कि बांड भरने के बाद ही प्रशांत किशोर को जेल से छोड़ा गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें






