मोकामा में सूरजभान और अनंत सिंह के बीच वर्चस्व की जंग, अनंत सिंह के जेल जाते लिया नया मोड़ 

0
11

विधायक को लोकतंत्र का आदर करना चाहिए

बाहुबली ने बाहुबली को रावण से की तुलना?  

मोकामा गोलीकांड में बाहुबली सूरजभान की एंट्री,

अनंत सिंह के जेल जाते लिया नया मोड़ 

 

मोकामा गोलीकांड में पूर्व विधायक अनंत सिंह के जेल जाने के बाद इस मामले में इलाके के दूसरे भूमिहार बाहुबली नेता सूरजभान सिंह की एंट्री हो गई है। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने तंज कसने के लहजे में अनंत सिंह की तुलना रावण से की है। साथ ही कहा कि रावण का भी अंत हुआ था।

गोलीकांड पर जब सूरजभान सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मोकामा बिहार और देश से बाहर नहीं है। सूरजभान सिंह ने अनंत सिंह पर तंज कसते हुए सुनिए क्या कुछ कह रहे है

गोलीकांड पर जब सूरजभान सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मोकामा बिहार और देश से बाहर नहीं है। सूरजभान सिंह ने अनंत सिंह पर तंज कसने के लहजे में कहा-‘कोई भी माननीय विधायक हों, उनका ये काम नहीं है। ये काम प्रशासन का है। प्रशासन के काम में किसी भी माननीय विधायक को इस चीज की शोभा नहीं देता है। कहीं जाकर ऐसी घटना हो, हम ये काम करें। मधुबनी हो, मोहनिया हो, मोकामा हो, सब बिहार में ही है। किसी भी विधायक को लोकतंत्र का आदर करना चाहिए।’

सूरजभान सिंह से जब पूछा गया कि लोग कहते हैं कि अनंत सिंह सत्तापक्ष के साथ हैं इसलिए वह फैसला करते हैं। उसे लोगों को मानना होगा। इसपर उन्होंने तंज कसने के लहजे में कहा, ‘ये पृथ्वी लोक है। यहां रावण से ताकतवर कोई नहीं हुआ है। लेकिन उनका भी अंत हुआ है। हर मनुष्य का अंत होता है। इसलिए जनता से बढ़कर कोई ताकतवर नहीं है।’

रावण भी ताकतवर था, उसका भी अंत हो गया

मोकामा गोलीबारी मामले पर पूर्व सांसद और सूरजभान सिंह ने कहा कि प्रशासन को इस मामले में काम करने दें, पूर्व विधायक का यह काम नहीं है। ये काम करना उनको शोभा नहीं देता है। जीतन राम मांझी का ये कहना कि अनंत सिंह ताकतवर हैं मामले को निपट सकते हैं। पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने कहा रावण भी सबसे ताकतवर था और उसका भी अंत हो गया था।

यहां बता दें कि मोकामा विधानसभा सीट से साल 2000 में सूरजभान सिंह ने निर्दलीय नॉमिनेशन किया था और कहा जाता है कि नीतीश कुमार के सपोर्ट से अनंत सिंह के बडे़ भाई और आरजेडी प्रत्याशी दिलीप सिंह को हराया था। उसके बाद 2005 के विधानसभा चुनाव में दिलीप सिंह की मौत के बाद अनंत सिंह जेडीयू के टिकट पर मोकामा से मैदान में उतरे और पहली बार विधायक बने। मोकामा के इलाके में सूरजभान सिंह और अनंत सिंह के बीच वर्चस्व की जंग चलती रहती है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें