पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। राजद सुप्रीमो लालू यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए दरवाजे खुले रखने की बात कहकर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। लालू के इस बयान के बाद से ही सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
राजद और जदयू के बीच फिर समीकरण बदलने की चर्चा
लालू यादव के बयान को राजद नेताओं ने और हवा देते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए (भाजपा) के साथ सहज नहीं हैं और उनके महागठबंधन में लौटने की संभावनाएं बन रही हैं। दूसरी ओर, जदयू और भाजपा के नेता इस बयान पर राजद को आड़े हाथों ले रहे हैं।
बीजेपी विधायक का पलटवार: लालू की तुलना बैल से की
बीजेपी विधायक इंजीनियर शैलेंद्र ने लालू यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी तुलना “बैल” से कर दी। उन्होंने कहा,
“एक ऐसा बैल होता है जिसे आखिर में कसाई भी नहीं लेता। वैसा ही हाल लालू यादव का हो गया है। अब उन्हें डर सताने लगा है कि 2025 में 2010 जैसे हालात आने वाले हैं, जहां महागठबंधन सत्ता से बाहर रहेगा।”
“राजद के कई विधायक एनडीए के संपर्क में हैं”
इंजीनियर शैलेंद्र ने दावा किया कि राजद के कई विधायक एनडीए के संपर्क में हैं और सत्ता परिवर्तन की तैयारी में हैं। उन्होंने लालू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका परिवार अब भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
“नीतीश कुमार ने लालू यादव को दो बार सत्ता से बाहर किया है। उनके बुरे कारनामों के कारण ही यह हुआ। अब लालू और तेजस्वी के बयान भी अलग-अलग हैं। इससे साफ है कि बाप-बेटे के बीच तालमेल नहीं है।”
“नीतीश को लेकर लालू की चिंता बेबुनियाद”
शैलेंद्र ने कहा कि लालू यादव महागठबंधन को सत्ता में लाने की कोशिश में नीतीश कुमार को वापस लाने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लालू चाहते हैं कि तेजस्वी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे, जबकि तेजस्वी खुद को कार्यकर्ताओं के बीच प्रासंगिक बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।





