पटना। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने हाल ही में एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वापस आना चाहें, तो उनके लिए महागठबंधन का दरवाजा हमेशा खुला है। लालू यादव ने कहा, “अगर नीतीश आयेंगे, तो हम उन्हें ले लेंगे और मिलकर काम करेंगे।”
इस बयान के बाद, शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस बारे में सवाल किया गया। लेकिन, मीडिया के सवालों के जवाब में नीतीश ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और हाथ जोड़कर चुप्पी साध ली।
मीडिया द्वारा बार-बार सवाल पूछे जाने पर भी नीतीश कुमार ने कुछ नहीं कहा। उनकी चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को और तेज कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या नीतीश कुमार इस बयान को गंभीरता से ले रहे हैं, या फिर यह महज एक औपचारिकता है।
नीतीश कुमार का यह रुख क्या किसी रणनीति का हिस्सा है, या वे इस पर आगे कोई टिप्पणी करेंगे? यह देखने वाली बात होगी। लालू यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल मच गई है।
दरवाजा हमेशा खुला है। लालू यादव ने कहा, “अगर नीतीश आयेंगे, तो हम उन्हें ले लेंगे और मिलकर काम करेंगे।”
इस बयान के बाद, शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस बारे में सवाल किया गया। लेकिन, मीडिया के सवालों के जवाब में नीतीश ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और हाथ जोड़कर चुप्पी साध ली।
मीडिया द्वारा बार-बार सवाल पूछे जाने पर भी नीतीश कुमार ने कुछ नहीं कहा। उनकी चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को और तेज कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या नीतीश कुमार इस बयान को गंभीरता से ले रहे हैं, या फिर यह महज एक औपचारिकता है।
नीतीश कुमार का यह रुख क्या किसी रणनीति का हिस्सा है, या वे इस पर आगे कोई टिप्पणी करेंगे? यह देखने वाली बात होगी। लालू यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल मच गई है।





