मल्लयुद्ध प्रतियोगिता 2024 में दिखा बिहार के पहलवानों का जलवा

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मल्लयुद्ध प्रतियोगिता 2024 में दिखा बिहार के पहलवानों का जलवा

बेगूसराय। बिहार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने मंसूरचक स्थित एनएन सिन्हा प्लस टू विद्यालय में 25 और 26 दिसंबर को आयोजित बिहार की पारंपरिक कुश्ती ‘मल्लयुद्ध प्रतियोगिता’ का दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया। इस मौके पर उनके साथ मंच पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के निदेशक रविंद्र नाथ चौधरी, डीडीसी सोमेश माथुर, एसपी मनीष कुमार, एसडीपीओ रविंद्र मोहन प्रसाद, एसडीएम राकेश सिंह और बिहार कुश्ती संघ के सचिव विनय कुमार सिंह मौजूद रहे।

पारंपरिक मल्लयुद्ध का आयोजन

मल्लयुद्ध, मिट्टी के अखाड़े में खेले जाने वाली बिहार की पारंपरिक कुश्ती का प्रारूप है। पिछले वर्ष सोनपुर में आयोजित प्रथम मल्लयुद्ध प्रतियोगिता के बाद इस बार इसका आयोजन बेगूसराय में हो रहा है। इस बार प्रतियोगिता के लिए कुल 407 पहलवानों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिसमें से 190 पुरुष और 46 महिला पहलवानों समेत कुल 236 प्रतिभागियों का चयन किया गया।

प्रतियोगिता में पुरुष पहलवान चार भारवर्ग – 60-70 किलो, 70-80 किलो, 80-90 किलो और 90 किलो से अधिक में प्रतिस्पर्धा करेंगे। वहीं, महिला पहलवान तीन भारवर्ग – 50-55 किलो, 57-62 किलो और 60 किलो से अधिक में भाग लेंगी।

हर भारवर्ग में प्रथम स्थान पर आने वाले खिलाड़ियों को ₹1 लाख, दूसरे स्थान पर ₹50 हजार और तीसरे स्थान पर ₹25 हजार का नकद इनाम दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को एक चांदी का गदा भेंट किया जाएगा। इस वर्ष कुल नकद पुरस्कार राशि ₹12.5 लाख रखी गई है।

खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और बिहार कुश्ती संघ द्वारा आयोजित की गई है प्रतियोगिता।
खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और बिहार कुश्ती संघ द्वारा आयोजित की गई है प्रतियोगिता।

 

मिट्टी के अखाड़े की खास तैयारी

चूंकि यह प्रतियोगिता मिट्टी के अखाड़े में होती है, इसलिए अखाड़े के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया। 5 फीट ऊंचाई वाले 40 फीट के अखाड़े को खिलाड़ियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुलतानी मिट्टी से अधिक मुलायम बनाया गया। इसके लिए करीब 130 ट्रैक्टर मिट्टी का उपयोग किया गया, जिसमें एक सौ किलो सरसों का तेल, घी, दूध, 200 किलो हल्दी और 500 से 1000 नींबू का रस मिलाया गया।

खेल मंत्री का संबोधन

खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए कहा कि मल्लयुद्ध बिहार की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से युवाओं को अपनी संस्कृति से जुड़ने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलता है। उन्होंने आयोजन समिति को इस प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों और दर्शकों के बीच उत्साह देखते ही बनता है। मल्लयुद्ध प्रतियोगिता बिहार की पारंपरिक खेल संस्कृति को संरक्षित करने और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक शानदार प्रयास है।

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