बोले भारत टाइम्स, पटना: बिहार पुलिस के डीएसपी राम इकबाल यादव को नए साल पर जोरदार झटका लगा। डीएसपी बनने की खुशी छह महीने भी टिक नहीं पाई। बिहार पुलिस इंस्पेक्टर राम एकबाल प्रसाद यादव का डीएसपी प्रमोशन रद्द हो गया। छह महीने पहले ही उन्हें यह पद मिला था। गया जिले में उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई के कारण उन्हें वापस इंस्पेक्टर बना दिया गया। माना जा रहा है कि यह घटना उनके करियर के लिए बड़ा झटका है।
राम एकबाल प्रसाद यादव को 18 जुलाई को डीएसपी पद पर प्रमोशन मिला था। अब पुलिस मुख्यालय ने उन्हें सूचित किया कि विभागीय कार्रवाई के चलते उनका प्रमोशन रद्द किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें फिर से इंस्पेक्टर के पद पर भेज दिया गया।
दरअसल, गया जिले में राम एकबाल प्रसाद यादव के खिलाफ एक विभागीय जांच चल रही है। यही उनके प्रमोशन रद्द होने की मुख्य वजह है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, किसी भी अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही हो तो उसे उच्च पद नहीं दिया जा सकता। यह नियम सभी पर लागू होता है। इस वजह से राम एकबाल प्रसाद यादव को डीएसपी पद से हटा दिया गया और फिर से इंस्पेक्टर बना दिया गया।
दूसरी ओर जब राम एकबाल प्रसाद यादव का प्रमोशन रद्द हुआ, उसी समय बिहार पुलिस के कई अन्य इंस्पेक्टरों को डीएसपी पद पर प्रमोशन मिला। साल के अंत में 100 से अधिक डीएसपी की पोस्टिंग हुई। लेकिन राम एकबाल प्रसाद यादव इस मौके से वंचित रह गए। उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई ने उन्हें इस खुशी से महरूम कर दिया।
विभागीय कार्रवाई बनी बाधा
सूत्रों के अनुसार, गया जिले में उनके कार्यकाल के दौरान कुछ अनियमितताओं को लेकर जांच चल रही है। इस जांच में कुछ ठोस प्रमाण मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने यह फैसला लिया। हालांकि, राम एकबाल प्रसाद यादव ने इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जहां एक ओर राम एकबाल प्रसाद यादव को उनके प्रमोशन का सपना टूटता दिखा, वहीं दूसरी ओर बिहार पुलिस के अन्य कई इंस्पेक्टर डीएसपी बने। इनमें कई अधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने अपनी विभागीय रिकॉर्ड को बेहतरीन बनाए रखा था।






