खत्म हुई सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट की मीटिंग, पहली बार 136 प्रस्तावों पर लगी मुहर ।।
पटना: सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की मीटिंग समाप्त हो गई। मंगलवार को सीएम सेक्रेटेरिएट में आयोजित इस मीटिंग में विभिन्न विभागों से जुड़े कई मसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट मीटिंग में सभी राज्यों के सभी विभागों के मंत्री मौजूद थे।
बिहार के इतिहास में संभवत: पहली बार सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट मीटिंग में 136 प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन प्रस्ताव में राज्य में चलने वाली कई विकास योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और अन्य अहम फैसले शामिल हैं। इन 136 प्रस्तावों के लिए सरकारी स्तर पर करीब 20 हजार करोड़ की राशि की स्वीकृति दी गई है। जानकारी के अनुसार कैबिनेट में जिन 136 एजेंडों पर मुहर लगी है, उनमें से करीब 82 एजेंडें ऐसे हैं, जो सीएम नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा से जुड़े हैं। राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग की 41 प्रस्ताव पर मुहर लगी है। जबकि जल संसाधन विभाग के 12 प्रस्ताव पर भी मुहर लगी है।
नीतीश सरकार ने राज्य में खेलों को लेकर के अपने कदम को आगे बढ़ाया है। मीटिंग में राज्य में खेल को लेकर भी कई प्रस्तावों पर सहमति बनी है। कैबिनेट मीटिंग में बिहार में खेल निदेशालय के गठन को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा इंटरनेशनल मैच के आयोजन को लेकर भी कैबिनेट में राशि को स्वीकृत किया गया। बिहार में पहली बार विश्व महिला कबाड़ी चैंपियनशिप होगी, जिसमे कुल आठ करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गयी है।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में गेस्ट फ़ैकल्टी को बढ़ाये जाने पर भी मुहर लगी। मीटिंग में बांका जिले में पॉस्को न्यायालय के गठन, पूर्णिया और दरभंगा में अंतरराज्यीय बस अड्डे के निर्माण, काशी कॉरिडोर की तरह हरिहरनाथ मंदिर में निर्माण, मधेपुरा में सिंधेश्वर स्थान को पर्यटक स्थल बनाने, अरेराज स्थित मंदिर को पर्यटक स्थल बनाने, बेगूसराय के सिमरिया में कल्पवास मेला के तहत पार्ट 2 के निर्माण, खगड़िया में राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्वीकृति, 56 करोड़ की लागत से मिथिला शोध संस्थान बनाने, बेतिया में स्टेडियम के निर्माण तथा गोपालगंज से मीरगंज तक बाईपास का तथा रोसेरा में भी बाईपास के निर्माण पर मुहर लगी।






